मणिपुर की राजधानी इम्फाल में 31 अक्टूबर को मैतेई और नगा संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते को रद्द करने की मांग की गई। यह समझौता 1997 में केंद्र सरकार और कुछ नगा विद्रोही गुटों के बीच हस्ताक्षरित हुआ था, जिसके तहत विद्रोहियों ने हिंसा त्यागने का वादा किया था। रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और समझौते को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि SoO का दुरुपयोग हो रहा है और इससे राज्य में शांति और सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
रैली के बाद प्रशासन ने 2 नवंबर को किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इम्फाल के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और प्रमुख सरकारी भवनों, बाजारों तथा चौक-चौराहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू करने पर विचार किया है और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों को संभावित विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की स्थिति से निपटने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सत्तारूढ़ दल ने शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि विपक्ष ने सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिक संगठनों ने कहा है कि SoO समझौते की समीक्षा होनी चाहिए और जनता के हित में निर्णय लिया जाना चाहिए। मैतेई और नगा समुदाय के नेताओं ने सरकार से जल्द से जल्द वार्ता शुरू करने की मांग की है ताकि तनाव को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि SoO समझौता रद्द करने की मांग से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। पिछले कुछ वर्षों में मणिपुर में जातीय और सामुदायिक तनाव की घटनाएं बढ़ी हैं, और ऐसे में प्रशासन को संवेदनशीलता से काम लेना होगा। सुरक्षा बलों को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, और ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं ताकि कोई भी भ्रामक जानकारी न फैलाए।
इम्फाल में 2 नवंबर को शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है, और सार्वजनिक परिवहन पर भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि सरकार सभी समुदायों के साथ मिलकर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।