मणिपुर की राजधानी इम्फाल में रबी सीजन की खेती को गति देने के लिए राज्य कृषि विभाग ने 2 नवंबर को एक महत्वपूर्ण पहल की। विभाग ने किसानों को उच्च उपज वाले और रोग-प्रतिरोधी धान तथा दलहन के प्रमाणित बीज रियायती दरों पर वितरित किए। यह कदम राज्य में कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार लाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वितरण कार्यक्रम का उद्देश्य रबी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना है, विशेषकर धान और दलहन जैसी प्रमुख फसलों में। प्रमाणित बीजों के उपयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा और रोगों के प्रति सहनशीलता बढ़ेगी, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। विभाग ने स्थानीय किसानों की मांग और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त किस्मों का चयन किया है।
कार्यक्रम के तहत किसानों को बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों और फसल प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई। विभाग के विशेषज्ञों ने बीजों की बुवाई, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण पर मार्गदर्शन प्रदान किया, ताकि किसान अधिकतम उपज प्राप्त कर सकें। इस पहल से क्षेत्र में रबी फसलों के अंतर्गत रकबा बढ़ने की संभावना है।
स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे समय पर उठाया गया कदम बताया है। उनका कहना है कि प्रमाणित बीज महंगे होते हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को काफी परेशानी होती है। रियायती दर पर बीज मिलने से उनकी लागत में कमी आएगी और वे अधिक क्षेत्र में खेती कर सकेंगे। किसानों ने सरकार से ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की है।
राज्य कृषि विभाग ने भविष्य में भी इस तरह के वितरण कार्यक्रम जारी रखने की योजना बनाई है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी जिलों में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे मणिपुर में कृषि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके। इस पहल से राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।