मणिपुर की राजधानी इम्फाल के पास स्थित प्रसिद्ध लोकतक झील, जो पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है और रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय महत्व रखती है, में 2 नवंबर को एक व्यापक पर्यावरणीय अभियान चलाया गया। जल संसाधन विभाग ने झील के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए जलकुंभी और प्लास्टिक कचरे को हटाने हेतु मेगा क्लीन ड्राइव का आयोजन किया, जिसमें आधुनिक एक्वा-हार्वेस्टर मशीनों का उपयोग किया गया। यह अभियान झील के बिगड़ते स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती चिंता के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लोकतक झील में पिछले कुछ वर्षों से जलकुंभी (एशियन वाटर हायसिंथ) का अत्यधिक प्रसार हो रहा है, जिससे जल की गुणवत्ता, मछली उत्पादन और स्थानीय जैव विविधता पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अतिरिक्त, शहरी और कृषि अपशिष्ट से आने वाला प्लास्टिक कचरा भी झील में जमा हो रहा है, जो जलचरों के लिए घातक साबित हो रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मेगा क्लीन ड्राइव का उद्देश्य झील के जल क्षेत्र को मुक्त करना और उसकी प्राकृतिक सफाई क्षमता को बहाल करना है।
इस अभियान में विशेष रूप से डिज़ाइन की गई एक्वा-हार्वेस्टर मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जो जलकुंभी को जड़ से उखाड़ने और प्लास्टिक कचरे को एकत्र करने में सक्षम हैं। ये मशीनें तेज़ी से काम करती हैं और कम समय में बड़े क्षेत्र को साफ कर सकती हैं। विभाग ने स्थानीय मछुआरों और स्वयंसेवकों की भी मदद ली, जिन्होंने नावों के माध्यम से किनारे के क्षेत्रों में सफाई अभियान में सहयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा और झील के विभिन्न हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।
स्थानीय समुदाय और पर्यावरणविदों ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही स्थायी समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका कहना है कि केवल सफाई अभियान पर्याप्त नहीं है; झील में सीवेज और औद्योगिक कचरे के प्रवेश को रोकने, जलकुंभी के जैविक नियंत्रण और स्थानीय लोगों को जागरूक करने जैसे दीर्घकालिक उपायों की भी आवश्यकता है। लोकतक झील न केवल इम्फाल की जीवनरेखा है, बल्कि यह कई प्रवासी पक्षियों और दुर्लभ जलचरों का आश्रय स्थल भी है, इसलिए इसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मेगा क्लीन ड्राइव के परिणामस्वरूप झील के एक बड़े हिस्से से जलकुंभी और प्लास्टिक कचरा हटा लिया गया है, जिससे जल की सतह दिखाई देने लगी है और ऑक्सीजन स्तर में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में और अधिक आधुनिक मशीनों की खरीद पर विचार कर रहा है और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर एक व्यापक संरक्षण योजना तैयार कर रहा है। इस अभियान को मणिपुर सरकार के 'स्वच्छ लोकतक' मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।