इम्फाल, 2 नवंबर: मणिपुर की राजधानी इम्फाल के विस्थापित राहत शिविरों में बच्चों और युवाओं के शैक्षिक पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कौशल विकास और वोकेशनल ट्रेनिंग शिविर की शुरुआत की गई। यह पहल राज्य सरकार, स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य शिविरों में रह रहे विस्थापित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है।
शिविर का उद्घाटन करते हुए अधिकारियों ने कहा कि विस्थापन के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है, और इस पहल से उन्हें न केवल स्कूली शिक्षा बल्कि कंप्यूटर, सिलाई, हस्तशिल्प, ब्यूटीशियन और इलेक्ट्रिकल जैसे व्यावसायिक कोर्सों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो बच्चों और युवाओं को रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेंगे।
राहत शिविरों में रहने वाले कई परिवारों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विस्थापन के बाद बच्चों का भविष्य अनिश्चित हो गया था, लेकिन इस तरह के प्रशिक्षण शिविर से उनमें आत्मविश्वास और उम्मीद की नई किरण जगी है। स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी इस कार्यक्रम में सहयोग का आश्वासन दिया है और कहा है कि वे प्रशिक्षण सामग्री और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराएंगे।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और युवाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता भी सिखाई जाएगी, जिससे वे आधुनिक शिक्षा प्रणाली में सामंजस्य बैठा सकें।
यह कौशल विकास शिविर आगामी कई सप्ताह तक चलेगा, और इसमें विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे और स्थानीय उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल को विस्थापित समुदाय के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।