मणिपुर के इम्फाल घाटी और पहाड़ी जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) पर 2 नवंबर को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अर्धसैनिक बलों ने आवश्यक वस्तुओं और गैस सिलेंडरों से लदे वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा काफिले और एस्कॉर्ट गश्त बढ़ा दी है। यह कदम हाल के दिनों में राजमार्ग पर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने की जरूरत के मद्देनजर उठाया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, NH-2 पर सुरक्षा बलों की तैनाती में इजाफा किया गया है, और संवेदनशील हिस्सों में अतिरिक्त चौकियां स्थापित की गई हैं। काफिलों को विशेष एस्कॉर्ट के साथ भेजा जा रहा है, ताकि दिन के उजाले में ही वाहनों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक राजमार्ग पर पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
इम्फाल घाटी के व्यापारियों और आम नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ सप्ताह से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में व्यवधान आ रहा था, जिससे कीमतों में उछाल और किल्लत देखी जा रही थी। गैस सिलेंडरों की सुचारु आपूर्ति से रसोई गैस की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने भी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NH-2 पर सुरक्षित काफिला व्यवस्था से न केवल आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, बल्कि पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दीर्घकालिक समाधान के लिए राजमार्ग पर स्थायी सुरक्षा ढांचा और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास बहाली जरूरी है। प्रशासन ने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की है।
गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, और NH-2 जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर अक्सर अवरोध की घटनाएं सामने आती रही हैं। अर्धसैनिक बलों की बढ़ी हुई गश्त और काफिला व्यवस्था से आम जनजीवन को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की अपील की है।